इस विश्व कप में मध्यक्रम भारतीय टीम के लिए अभी तक सबसे बड़ी कमजोरी रहा है। टूर्नामेंट में एक भी बार ऐेसा मौका नहीं आया जब मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अपने दम पर भारतीय टीम को मैच जिताया हो।
ICC World Cup 2019, India vs New Zealand: इंग्लैंड में खेला जा रहा आईसीसी विश्व कप अब आखिरी मुकाम पर पहुंच गया है। भारतीय टीम का सामना मैनचेस्टर में मंगलवार (9 जुलाई) को पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से होगा। लेकिन अगले दो मैच जीत चैंपियन बनने के लिए टीम इंडिया को कुछ कमजोरियों से भी पार पाना होगा।
विराट कब जड़ेंगे शतक
टूर्नामेंट से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली से सभी को लंबी पारी खेलने की उम्मीद थी, लेकिन वह अभी तक एक भी शतक नहीं जड़ सके हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में यदि भारतीय टीम को जीत हासिल करनी है तो कोहली को अब अपने अर्धशतक को शतक में तब्दील करना होगा। इसके अलावा, कोहली को गलत समय विकेट गंवाने से भी बचना होगा। इससे विपक्षी गेंदबाजों को मैच में वापसी करने का मौका मिल जाता है।
टूर्नामेंट से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली से सभी को लंबी पारी खेलने की उम्मीद थी, लेकिन वह अभी तक एक भी शतक नहीं जड़ सके हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में यदि भारतीय टीम को जीत हासिल करनी है तो कोहली को अब अपने अर्धशतक को शतक में तब्दील करना होगा। इसके अलावा, कोहली को गलत समय विकेट गंवाने से भी बचना होगा। इससे विपक्षी गेंदबाजों को मैच में वापसी करने का मौका मिल जाता है।
इस विश्व कप में मध्यक्रम भारतीय टीम के लिए अभी तक सबसे बड़ी कमजोरी रहा है। टूर्नामेंट में एक भी बार ऐेसा मौका नहीं आया जब मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अपने दम पर भारतीय टीम को मैच जिताया हो। इसके अलावा, आखिरी ओवरों में भी टीम इंडिया ताबड़तोड़ रन बनाने में विफल रही है। लेकिन अब समय आ गया है जब मध्यक्रम के बल्लेबाजों को अपनी कमजोरी से पार पाकर बड़ा स्कोर बनाना होगा।
केदार, कार्तिक या जडेजा
मध्यक्रम में किस बल्लेबाज को अंतिम एकादश में शामिल किया जाए, इसके लिए कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री को काफी माथापच्ची करनी पड़ेगा। केदार जाधव पांच पारियों में सिर्फ 80 रन ही बना सके हैं। कार्तिक ने एक पारी खेली और आठ रन बनाए। वहीं, जडेजा एक मैच खेले लेकिन उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। ऐसी स्थिति में टीम प्रबंधन को ऐसा बल्लेबाज चुनना होगा जो बड़ी और तेज पारी खेल सके।
मध्यक्रम में किस बल्लेबाज को अंतिम एकादश में शामिल किया जाए, इसके लिए कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री को काफी माथापच्ची करनी पड़ेगा। केदार जाधव पांच पारियों में सिर्फ 80 रन ही बना सके हैं। कार्तिक ने एक पारी खेली और आठ रन बनाए। वहीं, जडेजा एक मैच खेले लेकिन उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। ऐसी स्थिति में टीम प्रबंधन को ऐसा बल्लेबाज चुनना होगा जो बड़ी और तेज पारी खेल सके।
धौनी नंबर चार या पंत
अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे अनुभवी बल्लेबाज महेंद्र सिंह धौनी धीमी बल्लेबाजी के कारण लगातार आलोचकों का शिकार बन रहे हैं। कई पूर्व दिग्गजों का मानना है कि धौनी को नंबर चार पर बल्लेबाजी करनी चाहिए और उनके स्थान नंबर छह पर युवा ऋषभ पंत को उतरना चाहिए। धौनी आखिरी ओवरों में तेज बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं और अब उन्हें फिनिशर नहीं माना जा रहा है। ऐसे में धौनी नंबर चार पर आकर विकेट पर टिकने के लिए वक्त ले सकते हैं। वहीं, पंत आखिरी ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं।
अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे अनुभवी बल्लेबाज महेंद्र सिंह धौनी धीमी बल्लेबाजी के कारण लगातार आलोचकों का शिकार बन रहे हैं। कई पूर्व दिग्गजों का मानना है कि धौनी को नंबर चार पर बल्लेबाजी करनी चाहिए और उनके स्थान नंबर छह पर युवा ऋषभ पंत को उतरना चाहिए। धौनी आखिरी ओवरों में तेज बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं और अब उन्हें फिनिशर नहीं माना जा रहा है। ऐसे में धौनी नंबर चार पर आकर विकेट पर टिकने के लिए वक्त ले सकते हैं। वहीं, पंत आखिरी ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं।
शमी और भुवी में कौन
तेज गेंदबाजी में मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार में से किसी एक को चुनना भी बड़ा सिरदर्द होगा। चोट के बाद वापसी करने वाले भुवी ज्यादा प्रभावित नहीं कर सके हैं। उन्होंने कुल पांच मैचों में सात विकेट चटकाए हैं। वहीं, शमी ने चार मैचों में एक हैट्रिक के साथ 14 विकेट झटके हैं। औसत के मामले में भी दोनों ही गेंदबाज लगभग एक समान हैं। शमी को पिछले मैच में श्रीलंका के खिलाफ बाहर बैठना पड़ा था। ऐसे में इन दोनों में सेमीफाइनल कौन खेलेगा यह भी बड़ा सवाल है।
तेज गेंदबाजी में मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार में से किसी एक को चुनना भी बड़ा सिरदर्द होगा। चोट के बाद वापसी करने वाले भुवी ज्यादा प्रभावित नहीं कर सके हैं। उन्होंने कुल पांच मैचों में सात विकेट चटकाए हैं। वहीं, शमी ने चार मैचों में एक हैट्रिक के साथ 14 विकेट झटके हैं। औसत के मामले में भी दोनों ही गेंदबाज लगभग एक समान हैं। शमी को पिछले मैच में श्रीलंका के खिलाफ बाहर बैठना पड़ा था। ऐसे में इन दोनों में सेमीफाइनल कौन खेलेगा यह भी बड़ा सवाल है।


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